वन विभाग की चौकी से महज एक किलोमीटर दूर कटे सागौन के एक दर्जन से अधिक पेड़, निगरानी पर उठे सवाल…

रुड़की/हरिद्वार

हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज में सागौन के हरे-भरे पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति एक दर्जन से अधिक सागौन के पेड़ों को काट दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ों का कटान हुआ, वह वन विभाग की बगड़ो चौकी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। ऐसे में वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, सागौन के पेड़ों के अवैध कटान की सूचना मिलने पर रुड़की वन विभाग सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कथित अवैध कटान से प्राप्त लकड़ी से लदी एक पिकअप गाड़ी को पकड़कर प्रकाष्ठ जब्त किया। सूत्रों के मुताबिक, मौके से कुछ लकड़ी का अभिवहन पहले ही किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा बल की कार्रवाई के बाद अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

सुरक्षा बल की टीम के अनुसार, उप प्रभागीय वनाधिकारी के आदेशानुसार मोके के लिए रवाना हुई टीम जिसके बाद मौके पर कार्रवाई के दौरान खानपुर रेंज के अनुभाग अधिकारी और बीट अधिकारी भी पहुंचे। इसके बाद पकड़ी गई पिकअप और मौके पर पड़े प्रकाष्ठ को उनकी सुपुर्दगी में दिया गया। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी प्रियांशु पांडे का कहना है कि उनकी टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट करने और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने की जरूरत है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि वन चौकी के इतने नजदीक सागौन के पेड़ों का कथित अवैध कटान कैसे होता रहा? क्या क्षेत्र में नियमित निगरानी नहीं की जा रही थी या फिर कर्मचारियों को इसकी भनक नहीं लगी? यदि पेड़ों का कटान बिना अनुमति किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।

30 किलोमीटर दूर से पहुंची टीम, स्थानीय अमले को क्यों नहीं लगी भनक?

मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब रुड़की वन विभाग सुरक्षा बल की टीम करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय कर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सकती है, तो संबंधित रेंज के अधिकारी और कर्मचारी अपने क्षेत्र में कथित अवैध कटान को समय रहते रोकने में सफल क्यों नहीं रहे? हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच और विभागीय पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। इस संबंध में डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं हुई। फिलहाल, मामले में विभागीय जांच, अवैध कटान की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।सुरक्षाबल की टीम में टीम को लीड कर रहे नरेंद्र पाल सिंह, वन दरोगा सोनिया शर्मा,वन दरोगा फरमान मालिक,वन आरक्षी रजत कुमार मौजूद रहे ।

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