रुड़की।
आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर रुड़की में शुक्रवार को ‘वंदे मातरम्, नमामि भारतम्’ के पावन उद्घोष के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यालय प्रबंध समिति, कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों समेत 5 हजार से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ सह निदेशक आईआईटी रुड़की डॉ. प्रवीण कुमार, गन्ना समिति उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, जोशी लिमिटेड कंपनी के निदेशक यंग बहादुर सिंह, विद्यालय प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल, सह विभाग कार्यवाह मनोज तथा प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर किया।

इस अवसर पर डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रभावना का प्रमुख प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि इसके ऐतिहासिक महत्व को समझना आवश्यक है। विद्या भारती की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षा में संस्कार, संस्कार से चरित्र और चरित्र से राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।

राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि देश की धर्म एवं संस्कृति के प्रति आत्मविश्वास और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामूहिक वंदे मातरम् गायन जैसे आयोजन देश के प्रति जिम्मेदारी और संकल्प की भावना को मजबूत करते हैं।विद्यालय प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने ‘नर सेवा नारायण सेवा’ का संदेश देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और पूर्वजों की विरासत से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इसे मातृभूमि के प्रति भक्ति और राष्ट्रभावना से जोड़ने वाला आयोजन बताया।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य जे.पी. शर्मा, रविंद्र कुमार बंसल सहित रुड़की के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद्, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
