हरिद्वार जिला सहकारी बैंक को मिली नई कमान, बिजेंद्र सिंह अध्यक्ष और सुशील राठी बने उपाध्यक्ष

हरिद्वार जिला सहकारी बैंक को मिली नई कमान, बिजेंद्र सिंह अध्यक्ष और सुशील राठी बने उपाध्यक्ष

सभी महत्वपूर्ण पदों पर निर्विरोध निर्वाचन, समर्थकों में खुशी की लहर; बैंक की व्यवस्था सुधारना और किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता

रुड़की। हरिद्वार जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत महत्वपूर्ण पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद बैंक को नई कमान मिल गई है। बिजेंद्र सिंह को जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष और सुशील राठी को उपाध्यक्ष चुना गया है। चुनाव में सभी महत्वपूर्ण पदों पर निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के निर्वाचन की जानकारी मिलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने बधाई देना शुरू कर दिया। बिजेंद्र सिंह के आवास पर दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुके भेंट कर और मिठाई खिलाकर नवनिर्वाचित अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

नई जिम्मेदारी मिलने पर जताया आभार

नवनिर्वाचित अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने नई जिम्मेदारी मिलने पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सभी समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है और इसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बैंक को और बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ उसकी कार्यप्रणाली को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि बैंक को अग्रणी बैंकों की श्रेणी में लाया जाए और बैंक से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में बैंक की सेवाओं को बेहतर बनाना और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

किसानों से जुड़ी समस्याओं पर रहेगा जोर

वहीं, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष सुशील राठी ने नई जिम्मेदारी को चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बैंक के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

सुशील राठी के मुताबिक, करीब चार वर्षों से बैंक के बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई है। इसके अलावा किसानों पर बैंक की काफी रिकवरी भी बकाया है। ऐसे में बैंक के कामकाज को व्यवस्थित करना और लंबित मामलों को आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के साथ किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। बैंक से जुड़े मामलों में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

बैंक के कामकाज को गति देने की चुनौती

जिला सहकारी बैंक किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और सहकारी समितियों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में नई टीम के सामने बैंक के कामकाज को गति देने के साथ वित्तीय मामलों को मजबूत करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।

नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष ने माना कि बैंक के सामने रिकवरी समेत कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान आसान नहीं है, लेकिन पूरी मेहनत और लगन के साथ काम किया जाएगा।

निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब बैंक के नए पदाधिकारियों से बैंक की व्यवस्था में सुधार और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद की जा रही है। समर्थकों का कहना है कि नई टीम के आने से बैंक के कामकाज में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित मामलों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

फिलहाल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्विरोध निर्वाचन के बाद समर्थकों में उत्साह है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने का भरोसा दिलाया है।

बाइट- बिजेंद्र सिंह, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक

बाइट- सुशील राठी, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक

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