कन्हैया लाल पॉलीटेक्निक में अंतर-पॉलीटेक्निक तकनीकी प्रतियोगिता का शुभारंभ, 18 संस्थानों के छात्र ले रहे हिस्सा….

रुड़की

विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, बौद्धिक क्षमता और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कन्हैया लाल पॉलीटेक्निक, रुड़की में दो दिवसीय अंतर-पॉलीटेक्निक तकनीकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में हरिद्वार और देहरादून जनपद के लगभग 18 पॉलीटेक्निक संस्थानों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, करियर निर्माण और औद्योगिक क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिल रहा है।कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के पूर्व छात्र एवं वर्ष 1981 बैच के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी एल. आर. शर्मा, वर्तमान में आयशा के निदेशक, तथा विशिष्ट अतिथि और सेवानिवृत्त विंग कमांडर मोहित गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। मोहित गर्ग कन्हैया लाल पॉलीटेक्निक की प्रबंध समिति के अध्यक्ष भी हैं। प्रतियोगिता को डिप्लोमा के तीनों वर्षों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप अलग-अलग विषयों में विभाजित किया गया है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा के प्रति सही दृष्टिकोण विकसित करने, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कौशल, करियर तथा नेतृत्व क्षमता के विकास को केंद्र में रखा गया है। इस अवसर पर एल. आर. शर्मा ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में व्यावहारिक समझ और बेहतर कार्यक्षमता भी विकसित कर सकें। वहीं, प्रबंध समिति के अध्यक्ष मोहित गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित कर उन्हें राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।

प्रबंध समिति के विशिष्ट सदस्य अजय दिगम्बर जैन ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संस्थान के प्रधानाचार्य मेजर फणींद्र मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास करती हैं।प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका निभाने वालों में संस्थान के पूर्व छात्र मदन धीमान, नवीन अग्रवाल, डॉ. शालिनी जोशी, अल्पना शर्मा और दीपामणि मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभागाध्यक्ष मानविकी विकास गौतम, कुलदीप त्यागी, जे. के. सैनी, विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग मनोज सैनी, प्रियंका सैनी, प्रधानाचार्य मेजर फणींद्र मिश्रा, रमन पाल और विपिन जैन सहित संस्थान के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *